हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 1.4

अध्याय 1 → मंत्र 4 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
सा वि॒श्वायुः॒ सा वि॒श्वक॑र्मा॒ सा वि॒श्वधा॑याः। इन्द्र॑स्य त्वा भा॒गꣳ सोमे॒नात॑नच्मि॒ विष्णो॑ ह॒व्यꣳर॑क्ष ॥ (४)
हे मनुष्यो! वह (सविता देव की कृपा) पूर्ण आयु देने वाली है. सभी कर्म करने में समर्थ है. सभी को धारण करने की शक्ति रखती है. इंद्र के भाग में सोमरस मिला कर हवि तैयार करते हैं. विष्णु हवि की रक्षा करने की कृपा करें. (४)
O human beings! She (Savita Dev\'s grace) is going to give full life. Capable of doing all actions. Has the power to hold everyone. Prepare havi by mixing somras in Indra\'s part. May Vishnu bless you to protect Havi. (4)