हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 1.6

अध्याय 1 → मंत्र 6 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
कस्त्वा॑ युनक्ति॒ स त्वा॑ युनक्ति॒ कस्मै॑ त्वा युनक्ति॒ तस्मै॑ त्वा युनक्ति। कर्म॑णे वां॒ वेषा॑य वाम् ॥ (६)
हे मनुष्यो! किस ने आप को नियुक्त किया है? किसलिए आप को नियुक्त किया गया है? परमेश्वर ने आप को नियुक्त किया है. श्रेष्ठ कर्म में नियुक्त किया है. (६)
O men! Who appointed you? Why have you been appointed? God has appointed you. Appointed in the best karma. (6)