अथर्ववेद (कांड 1)
आ॑सु॒री च॑क्रे प्रथ॒मेदं कि॑लासभेष॒जमि॒दं कि॑लास॒नाश॑नम् । अनी॑नशत्कि॒लासं॒ सरू॑पामकर॒त्त्वच॑म् ॥ (२)
आसुरी माया रूपी स्त्री ने सब से पहले कुष्ठ रोग दूर करने की ओषधि बनाई थी. नीली आदि ओषधियों ने कुष्ठ रोग को नष्ट कर के त्वचा को पहले के समान स्वस्थ बनाया. (२)
The woman of Devil Maya had first made a medicine to remove leprosy. Blue medicines destroyed leprosy and made the skin as healthy as before. (2)