हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 10.9.9

कांड 10 → सूक्त 9 → मंत्र 9 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 10)

अथर्ववेद: | सूक्त: 9
दे॒वाः पि॒तरो॑ मनु॒ष्या गन्धर्वाप्स॒रस॑श्च॒ ये । ते त्वा॒ सर्वे॑ गोप्स्यन्ति॒ साति॑रा॒त्रमति॑ द्रव ॥ (९)
हे शतौदना गौ! देव, पितर, मनुष्य, गंधर्व, और अप्सराएं-ये सभी तेरी रक्षा करेंगे. तू अतिशय नामक यज्ञ कर्म के पार जा. (९)
O Shataudana Gau! God, Pitar, Man, Gandharva, and Apsaras - all of them will protect you. You go beyond the sacrificial karma called Atishaya. (9)