अथर्ववेद (कांड 13)
रोहि॑तो दिव॒मारु॑ह॒त्तप॑सा तप॒स्वी । स योनि॒मैति॒ स उ॑ जायते॒ पुनः॒ स दे॒वाना॒मधि॑पतिर्बभूव ॥ (२५)
सूर्य अपने तेज के सहारे स्वर्ग पर चठ़ते हैं. इस प्रकार उदय को प्राप्त होते हुए सूर्य अन्य सभी देवों के स्वामी हो गए हैं. (२५)
The sun shines on heaven with the help of its brightness. Thus, while attaining the rise, the Sun has become the swami of all other gods. (25)