अथर्ववेद (कांड 13)
एक॑पा॒द्द्विप॑दो॒ भूयो॒ वि च॑क्र॒मे द्विपा॒त्त्रिपा॑दम॒भ्येति प॒श्चात् । द्विपा॑द्ध॒ षट्प॑दो॒ भूयो॒ वि च॑क्रमे॒ त एक॑पदस्त॒न्वं समा॑सते ॥ (२७)
सूर्य देव एक चरण वाले होने पर भी अनेक चरणों वालों से आगे बढ़ जाते हैं. अनेक चरणों वाले अनेक प्राणी इस एक चरण वाले सूर्य के आश्रय में रहते हैं. (२७)
Even if the Sun God is of one stage, he goes ahead of those with many stages. Many animals with many stages live in the shelter of this one-step sun. (27)