हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 13.4.2

कांड 13 → सूक्त 4 → मंत्र 2 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 13)

अथर्ववेद: | सूक्त: 4
र॒श्मिभि॒र्नभ॒ आभृ॑तं महे॒न्द्र ए॒त्यावृ॑तः ॥ (२)
सूर्य ने अपनी रश्मियों से आकाश को ढक दिया है. सूर्य रश्मियों से युक्त हैं. (२)
The sun has covered the sky with its rays. The Sun is full of rays. (2)