हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 13.8.6

कांड 13 → सूक्त 8 → मंत्र 6 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 13)

अथर्ववेद: | सूक्त: 8
अम्भो॑ अरु॒णं र॑ज॒तं रजः॒ सह॒ इति॒ त्वोपा॑स्महे व॒यम् ॥ (६)
हे जल! आप अरुण एवं श्वेत वर्ण के हैं. हम आप को क्रियात्मक तथा शक्तिरूप समझ कर आपकी उपासना करते हैं. आप हमें अन्न, यश, तेज तथा ब्रह्मवर्चस प्रदान करें. (६)
O water! You are arun and white. We worship you as active and powerful. May you give us food, fame, glory and Brahmavarchas. (6)