अथर्ववेद (कांड 15)
ऐनं॒ ब्रह्म॑गच्छति ब्रह्मवर्च॒सी भ॑वति ॥ (८)
जो पृथ्वी, बृहस्पति और अग्नि को ब्रह्म जानता है, वह ब्रह्म बल और ब्रह्मवर्चस को प्राप्त करता है. (८)
One who knows earth, Jupiter and agni as Brahma attains Brahman Force and Brahmavarchas. (8)