अथर्ववेद (कांड 15)
ऐनं॑ निका॒मोग॑च्छति निका॒मे नि॑का॒मस्य॑ भवति॒ य ए॒वं वेद॑ ॥ (११)
इस प्रकार जानने वाला अभीष्ट को प्राप्त करता है. (११)
Thus the knower attains the desired. (11)
कांड 15 → सूक्त 11 → मंत्र 11 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation