अथर्ववेद (कांड 15)
म॒न्युना॑न्ना॒देनान्न॑मत्ति॒ य ए॒वं वेद॑ ॥ (२०)
इस बात को जानने वाला अन्नाद यज्ञ के द्वारा अन्न को खाता है. (२०)
Annad, who knows this, eats food through yagya. (20)
कांड 15 → सूक्त 14 → मंत्र 20 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation