हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 15.2.16

कांड 15 → सूक्त 2 → मंत्र 16 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 15)

अथर्ववेद: | सूक्त: 2
तं वै॑रू॒पं च॑वैरा॒जं चाप॑श्च॒ वरु॑णश्च॒ राजा॑नु॒व्यचलन् ॥ (१६)
जल, वरुण, वैरूप और वैराज उस के पीछेपीछे चले. (१६)
Jal, Varuna, Vairoop and Vairaj followed him. (16)