अथर्ववेद (कांड 15)
तमृ॒तव॑श्चार्त॒वाश्च॑ लो॒काश्च॑ लौ॒क्याश्च॒ मासा॑श्चार्धमा॒साश्चा॑होरा॒त्रेचा॑नु॒व्यचलन् ॥ (१७)
तऋतुएं, पदार्थ, लोक, मास, पक्ष, दिवस और रात्रि उस के पीछेपीछे चलने लगे. (१७)
Seasons, substances, folk, months, sides, days and nights followed him. (17)