अथर्ववेद (कांड 15)
तमृ॒तं च॑ स॒त्यंच॒ सूर्य॑श्च च॒न्द्रश्च॒ नक्ष॑त्राणि चानु॒व्यचलन् ॥ (५)
ऋतु, सत्य, सूर्य, चंद्र और नक्षत्र उस के पीछे चले. (५)
Season, truth, sun, moon and constellations followed him. (5)
कांड 15 → सूक्त 6 → मंत्र 5 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation