अथर्ववेद (कांड 20) अथर्ववेद: 20.130.2 | सूक्त: 130 को अ॑सि॒द्याः पयः॑ ॥ (२) रजोगुणी प्रकृति का पोषक कौन है? (२) Who is the nurturer of menopausal nature? (2)