अथर्ववेद (कांड 20) अथर्ववेद: 20.131.9 | सूक्त: 131 वनि॑ष्ठा॒ नाव॑ गृ॒ह्यन्ति॑ ॥ (९) जल में स्थित नाव ग्रहण की जाती है. (९) The boat located in the water is taken. (9)