अथर्ववेद (कांड 20)
सो अ॑स्य॒ वज्रो॒ हरि॑तो॒ य आ॑य॒सो हरि॒र्निका॑मो॒ हरि॒रा गभ॑स्त्योः । द्यु॒म्नी सु॑शि॒प्रो हरि॑मन्युसायक॒ इन्द्रे॒ नि रू॒पा हरि॑ता मिमिक्षिरे ॥ (३)
इंद्र का लौह निर्मित वज्र हरा है. इंद्र का सुंदर शरीर भी हरे रंग का है. इंद्र के पास हरे रंग का ही बाण रहता है. इंद्र की पूरी साजसज्जा हरे रंग की है. (३)
Indra's iron-made vajra is green. Indra's beautiful body is also green in color. Indra has a green arrow. Indra's entire decoration is green. (3)