अथर्ववेद (कांड 20)
अ॒स्य पी॒त्वा श॑तक्रतो घ॒नो वृ॒त्राणा॑मभवः । प्रावो॒ वाजे॑षु वा॒जिन॑म् ॥ (८)
हे इंद्र! तुम सोमरस पी कर वृत्र असुर के लिए मृत्यु रूप बनो तथा युद्ध क्षेत्र में हमारे ऐश्वर्य की रक्षा करो. (८)
O Indra! Drink someras and become a form of death for Vritra Asura and protect our wealth in the battlefield. (8)