हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 20.69.3

कांड 20 → सूक्त 69 → मंत्र 3 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 20)

अथर्ववेद: | सूक्त: 69
सु॑त॒पाव्ने॑ सु॒ता इ॒मे शुच॑यो यन्ति वी॒तये॑ । सोमा॑सो॒ दध्या॑शिरः ॥ (३)
दही से मिला हुआ सोमरस पवित्र है. यह सोमरस सोम पीने वाले इंद्र के लिए तैयार हो रहा है. (३)
Somerus mixed with curd is sacred. This somers is getting ready for Indra, who drinks Som. (3)