अथर्ववेद (कांड 20)
स॑मो॒हे वा॒ य आश॑त॒ नर॑स्तो॒कस्य॒ सनि॑तौ । विप्रा॑सो वा धिया॒यवः॑ ॥ (२)
जो मनुष्य युद्ध की कामना करते हैं, वे अपने पुत्रों के साथ भी युद्ध करने लगते हैं. (२)
Those who wish for war also start fighting with their sons. (2)
कांड 20 → सूक्त 71 → मंत्र 2 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation