हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 20.92.7

कांड 20 → सूक्त 92 → मंत्र 7 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 20)

अथर्ववेद: | सूक्त: 92
आ यत्पत॑न्त्ये॒न्य: सु॒दुघा॒ अन॑पस्फुरः । अ॑प॒स्फुरं॑ गृभायत॒ सोम॒मिन्द्रा॑य॒ पात॑वे ॥ (७)
हे स्तोताओ! श्वेत वर्ण की जो गाएं हैं, उन में स्थित अविनाशी पदार्थ को ग्रहण करते हुए इंद्र के पीने के लिए सोमरस लाओ. (७)
O stotao! Take the indestructible substance located in the white songs and bring Someras for Indra to drink. (7)