हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 20.99.1

कांड 20 → सूक्त 99 → मंत्र 1 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 20)

अथर्ववेद: | सूक्त: 99
अ॒भि त्वा॑ पू॒र्वपी॑तय॒ इन्द्र॒ स्तोमे॑भिरा॒यवः॑ । स॑मीची॒नास॑ ऋ॒भवः॒ सम॑स्वरन्रु॒द्रा गृ॑णन्त॒ पूर्व्य॑म् ॥ (१)
हे इंद्र! तुम ने पहले सोमरस पिया था, उसी प्रकार सोमरस पीने के लिए ऋभु और रुद्र देवता तुम्हारी स्तुति करते हैं. (१)
O Indra! You had drunk Somras before, similarly, Ribhu and Rudra devas praise you for drinking Somras. (1)