अथर्ववेद (कांड 8)
प्र व॑र्तय दि॒वोऽश्मा॑नमिन्द्र॒ सोम॑शितं मघव॒न्त्सं शि॑शाधि । प्रा॒क्तो अ॑पा॒क्तो अ॑ध॒रादु॑द॒क्तो॒भि ज॑हि र॒क्षसः॒ पर्व॑तेन ॥ (१९)
हे इंद्र! अंतरिक्ष से अपना वज्र नीचे गिराओ. उस वज्र को तुम ऐसा तेज करो, जैसा सोमदेव ने किया था. तुम उस तेज किए हुए वज्र से पूर्व, पश्चिम, उत्तर एवं दक्षिण सभी दिशाओं में राक्षसों का विनाश करो. (१९)
O Indra! Drop your thunderbolt down from space. Make that thunderbolt as sharp as Somdev did. You destroy the demons in all directions east, west, north and south with that sharp thunderbolt. (19)