हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 8.6.19

कांड 8 → सूक्त 6 → मंत्र 19 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 8)

अथर्ववेद: | सूक्त: 6
ये अ॒म्नो ज॒तान्मा॒रय॑न्ति॒ सूति॑का अनु॒शेर॑ते । स्त्रीभा॑गान्पि॒ङ्गो ग॑न्ध॒र्वान्वातो॑ अ॒भ्रमि॑वाजतु ॥ (१९)
जो राक्षस, पिशाच आदि आधे जन्मे हुए बच्चों को मार डालते हैं एवं जो स्त्री का रूप धारण कर के प्रसूता के समीप सो जाते हैं. स्त्रियों को बाधा पहुंचाने वाले उन राक्षस, पिशाच आदि को पीली सरसों इस प्रकार भगा दे, जैसे वायु बादलों को हटा देती है. (१९)
Those who kill half-born children like demons, vampires, etc. and who take the form of women and sleep near the mother. Remove those demons, vampires, etc. who obstruct women in such a way that the air removes the clouds. (19)