अथर्ववेद (कांड 8)
परा॑जिताः॒ प्र त्र॑सतामित्रा नु॒त्ता धा॑वत॒ ब्रह्म॑णा । बृह॒स्पति॑प्रणुत्तानां॒ मामीषां॑ मोचि॒ कश्च॒न ॥ (१९)
हे शत्रुओ! तुम हमारे मंत्र बल से पराजित, भयभीत एवं दलित हो कर यहां से भाग जाओ. बृहस्पति के द्वारा मंत्र बल से प्रभावित इन में से एक भी न बचे. (१९)
O enemies! You run away from here defeated, frightened and dalited by our mantra force. None of these, influenced by the mantra force by Jupiter, survived. (19)