हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 9.12.5

कांड 9 → सूक्त 12 → मंत्र 5 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 9)

अथर्ववेद: | सूक्त: 12
श्ये॒नः क्रो॒डो॒न्तरि॑क्षं पाज॒स्यं बृह॒स्पतिः॑ क॒कुद्बृ॑ह॒तीः कीक॑साः ॥ (५)
श्येन गाय का क्रोड अर्थात्‌ कोख अथवा बगल, अंतरिक्ष पाजस्य (उदर), बृहस्पति ककुद, अर्थात्‌ ठाट तथा बृहती छंद हड्डियां हैं. (५)
The core of the Shyen cow i.e. womb or side, space pajasya (stomach), Jupiter kakud, i.e. that is, and brihati verses are bones. (5)