हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 9.12.7

कांड 9 → सूक्त 12 → मंत्र 7 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 9)

अथर्ववेद: | सूक्त: 12
मि॒त्रश्च॒ वरु॑ण॒श्चांसौ॒ त्वष्टा॑ चार्य॒मा च॑ दो॒षणी॑ महादे॒वो बा॒हू ॥ (७)
मित्र और वरुण गाय के कंधे हैं, त्वष्टा तथा अर्यमा गाय की भुजाएं अर्थात्‌ अगले पैर हैं तथा महादेव बाहु हैं. (७)
Mitra and Varuna are the shoulders of the cow, Tvashta and Aryama are the arms of the cow i.e. the front legs and Mahadev is the arm. (7)