अथर्ववेद (कांड 9)
ब्रह्म॑ च क्ष॒त्रं च॒ श्रोणी॒ बल॑मू॒रू ॥ (९)
ब्राह्मण और क्षत्रिय गाय के नितंब हैं तथा बल उस की जंघाएं हैं. (९)
Brahmins and Kshatriyas are the buttocks of the cow and the forces are its thighs. (9)
कांड 9 → सूक्त 12 → मंत्र 9 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation