हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 9.3.23

कांड 9 → सूक्त 3 → मंत्र 23 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 9)

अथर्ववेद: | सूक्त: 3
इ॒मा आपः॒ प्र भ॑राम्यय॒क्ष्मा य॑क्ष्म॒नाश॑नीः । गृ॒हानुप॒ प्र सी॑दाम्य॒मृते॑न स॒हाग्निना॑ ॥ (२३)
यक्ष्मा रोग से रहित मैं यक्ष्मा रोग का विनाश करने वाले जलों को भरता हूं तथा अमृतमय अग्नि ले कर घरों में प्रवेश करता हूं. (२३)
Without tuberculosis, I fill the waters that destroy tuberculosis and enter the houses with nectar-filled agni. (23)