हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 1.11.8

मंडल 1 → सूक्त 11 → श्लोक 8 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 1)

ऋग्वेद: | सूक्त: 11
इन्द्र॒मीशा॑न॒मोज॑सा॒भि स्तोमा॑ अनूषत । स॒हस्रं॒ यस्य॑ रा॒तय॑ उ॒त वा॒ सन्ति॒ भूय॑सीः ॥ (८)
शक्ति द्वारा विश्व के स्वामी बनने वाले की स्तुति प्रार्थियों ने की है. इंद्र के धन देने के ढंग हजारों अथवा हजारों से भी अधिक हैं. (८)
The one who became the master of the world by power has been praised by the candidates. Indra's methods of giving money are more than thousands or even thousands. (8)