ऋग्वेद (मंडल 1)
याभिः॒ पत्नी॑र्विम॒दाय॑ न्यू॒हथु॒रा घ॑ वा॒ याभि॑ररु॒णीरशि॑क्षतम् । याभिः॑ सु॒दास॑ ऊ॒हथुः॑ सुदे॒व्यं१॒॑ ताभि॑रू॒ षु ऊ॒तिभि॑रश्वि॒ना ग॑तम् ॥ (१९)
हे अश्चिनीकुमारो! तुमने जिन उपायों द्वारा विमद ऋषि के लिए पत्नी एवं लाल रंग की गाएं दीं एवं सुदास को प्रसिद्ध धन दिया, उन्हीं उपायों सहित आओ. (१९)
O aschinikumaro! Come with the remedies by which you have given the wife and red coloured songs for the sage Vimad and gave the famous wealth to Sudas. (19)