ऋग्वेद (मंडल 1)
इ॒मा रु॒द्राय॑ त॒वसे॑ कप॒र्दिने॑ क्ष॒यद्वी॑राय॒ प्र भ॑रामहे म॒तीः । यथा॒ शमस॑द्द्वि॒पदे॒ चतु॑ष्पदे॒ विश्वं॑ पु॒ष्टं ग्रामे॑ अ॒स्मिन्न॑नातु॒रम् ॥ (१)
हम प्रवृद्ध जटाधारी एवं वीरनाशक रुद्र के लिए ये मननीय स्तुतियां इसलिए अर्पित कर रहे हैं, जिससे द्विपद एवं चतुष्पद की रोगशांति हो. गांव में सब लोग पुष्ट तथा अनातुर रहें. (१)
We are offering these adorable hymns to the invigorated Jatadhari and the heroic Rudra so that there is a pathological peace of the dwida and the quadrupada. Everyone in the village should be strong and uncaring. (1)
ऋग्वेद (मंडल 1)
मृ॒ळा नो॑ रुद्रो॒त नो॒ मय॑स्कृधि क्ष॒यद्वी॑राय॒ नम॑सा विधेम ते । यच्छं च॒ योश्च॒ मनु॑राये॒जे पि॒ता तद॑श्याम॒ तव॑ रुद्र॒ प्रणी॑तिषु ॥ (२)
हे रुद्र! हमारे निमित्त तुम सुखकारक बनी एवं हमें सुख प्रदान करो. हम नमस्कारपूर्वक वीरनाशक रुद्र की सेवा करते हैं. पिता मनु ने जो रोगशांति और निर्भयता प्राप्त की थी, हे रुद्र! तुम्हें नमस्कार करने पर हम भी उन्हें प्राप्त करें. (२)
Hey Rudra! For our sake, you have become pleasant and give us happiness. We greetfully serve the heroic Rudra. The disease and fearlessness that Father Manu had attained, O Rudra! Greetings to you but we also receive them. (2)
ऋग्वेद (मंडल 1)
अ॒श्याम॑ ते सुम॒तिं दे॑वय॒ज्यया॑ क्ष॒यद्वी॑रस्य॒ तव॑ रुद्र मीढ्वः । सु॒म्ना॒यन्निद्विशो॑ अ॒स्माक॒मा च॒रारि॑ष्टवीरा जुहवाम ते ह॒विः ॥ (३)
हे कामवर्षक रुद्र! हम वीरनाशक एवं मरुत् सहयोगी तुम्हारी कृपा देवयज्ञ के द्वारा पावें. हमारी प्रजाओं के सुख की इच्छा करते हुए तुम उनके समीप आओ. प्रजा को हानिरहित देखकर हम तुम्हारे लिए हव्य देंगे. (३)
O workman Rudra! May we find your grace through godly and deserted allies. Come near to our people, wishing for their happiness. Seeing the people harmless, we will give you a good deed. (3)
ऋग्वेद (मंडल 1)
त्वे॒षं व॒यं रु॒द्रं य॑ज्ञ॒साधं॑ व॒ङ्कुं क॒विमव॑से॒ नि ह्व॑यामहे । आ॒रे अ॒स्मद्दैव्यं॒ हेळो॑ अस्यतु सुम॒तिमिद्व॒यम॒स्या वृ॑णीमहे ॥ (४)
हम रक्षा के निमित्त दीप्त, यज्ञसाधक, कुटिलगति एवं क्रांतदर्शी रुद्र को बुलाते हैं. रुद्र अपना दीप्त क्रोध दूर करें एवं हम उनकी शोभन कृपादृष्टि प्राप्त करें. (४)
We call The Deept, The Yajnasadhak, the Crooked Motion and the Revolutionary Rudra for the sake of protection. Let Rudra remove his radiant anger and let us get his graceful grace. (4)
ऋग्वेद (मंडल 1)
दि॒वो व॑रा॒हम॑रु॒षं क॑प॒र्दिनं॑ त्वे॒षं रू॒पं नम॑सा॒ नि ह्व॑यामहे । हस्ते॒ बिभ्र॑द्भेष॒जा वार्या॑णि॒ शर्म॒ वर्म॑ च्छ॒र्दिर॒स्मभ्यं॑ यंसत् ॥ (५)
हम वराह के समान दृढ़ांग, प्रकाशशील, जटाधारी, तेजोदीप्त एवं निरूपणजीव रुद्र को नमस्कार द्वारा बुलाते हैं. वे अपने हाथों में वरणीय ओषधियां धारण करते हुए हमें सुख, कवच एवं गृह प्रदान करें. (५)
We call rudra, who is as strong as Varah, prakashsheel, jatadhari, bright and proformed. They may give us happiness, armor and home, wearing the selective herbs in their hands. (5)
ऋग्वेद (मंडल 1)
इ॒दं पि॒त्रे म॒रुता॑मुच्यते॒ वचः॑ स्वा॒दोः स्वादी॑यो रु॒द्राय॒ वर्ध॑नम् । रास्वा॑ च नो अमृत मर्त॒भोज॑नं॒ त्मने॑ तो॒काय॒ तन॑याय मृळ ॥ (६)
मरुतों के पिता रुद्र को लक्ष्य करके हम स्वादिष्ट पदार्थो से भी मधुर एवं वृद्धिकारक स्तुति वचन बोल रहे हैं. हे मरणरहित रुद्र! हमें मानवों का भोजन प्रदान करो एवं अपने पुत्ररूप मेरी तथा मेरे पुत्र की रक्षा करो. (६)
By targeting Rudra, the father of the maruts, we are speaking sweet and incremental words of praise even with delicious substances. O mortal Rudra! Give us the food of men and protect me and my son as your son. (6)
ऋग्वेद (मंडल 1)
मा नो॑ म॒हान्त॑मु॒त मा नो॑ अर्भ॒कं मा न॒ उक्ष॑न्तमु॒त मा न॑ उक्षि॒तम् । मा नो॑ वधीः पि॒तरं॒ मोत मा॒तरं॒ मा नः॑ प्रि॒यास्त॒न्वो॑ रुद्र रीरिषः ॥ (७)
हे रुद्र! हम लोगों में से वयोवृद्ध, बालक, गर्भाधान समर्थ युवक एवं गर्भस्थ शिशु की हिंसा मत करना, हमारी माता अथवा पिता की हिंसा एवं हमारे प्रिय शरीर का नाश भी मत करना. (७)
Hey Rudra! Do not do violence against the elderly, the child, the inseminable young man and the pregnant child, the violence of our mother or father and also the destruction of our beloved body. (7)
ऋग्वेद (मंडल 1)
मा न॑स्तो॒के तन॑ये॒ मा न॑ आ॒यौ मा नो॒ गोषु॒ मा नो॒ अश्वे॑षु रीरिषः । वी॒रान्मा नो॑ रुद्र भामि॒तो व॑धीर्ह॒विष्म॑न्तः॒ सद॒मित्त्वा॑ हवामहे ॥ (८)
हे रुद्र! हमारे पुत्र, पौत्र, दास, गाय एवं घोड़ों की हिंसा एवं क्रोधित होकर हमारे वीरों का वध मत करना. हम सदैव हवि लेकर तुम्हें बुलाते हैं. (८)
Hey Rudra! Do not kill our heroes in anger and violence against our sons, grandsons, helpers, cows and horses. We always call you with a hug. (8)