हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 1.12.10

मंडल 1 → सूक्त 12 → श्लोक 10 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 1)

ऋग्वेद: | सूक्त: 12
स नः॑ पावक दीदि॒वोऽग्ने॑ दे॒वाँ इ॒हा व॑ह । उप॑ य॒ज्ञं ह॒विश्च॑ नः ॥ (१०)
हे प्रदीप्त अग्नि! देवों को यहां यज्ञस्थल में लाओ एवं हमारा यज्ञ और हवि देवों के समीप ले जाओ. (१०)
O bright fire! Bring the gods here to the place of yajna and take us to the yajna and the havi devas. (10)