ऋग्वेद (मंडल 1)
स्वि॒ध्मा यद्व॒नधि॑तिरप॒स्यात्सूरो॑ अध्व॒रे परि॒ रोध॑ना॒ गोः । यद्ध॑ प्र॒भासि॒ कृत्व्या॒ँ अनु॒ द्यूनन॑र्विशे प॒श्विषे॑ तु॒राय॑ ॥ (७)
प्रकाशयुक्त मेघमाला जिस समय अपना कर्म करने को तत्पर होती है, उस समय प्रेरक इंद्र यज्ञ के निमित्त वर्षा का आवरण दूर करते हैं. हे इंद्र! तुम जब कार्य योग्य दिवसों को प्रकाशित करते हो, तब गाड़ी वाले एवं चरवाहे अपने काम में शीघ्र सफल होते हैं. (७)
At the time when the light-filled Meghmala is ready to do her karma, at that time the inspiring Indra removes the rain cover for the yajna. O Indra! When you publish workable days, the drivers and shepherds succeed quickly in their work. (7)