ऋग्वेद (मंडल 1)
यु॒क्ष्वा ह्यरु॑षी॒ रथे॑ ह॒रितो॑ देव रो॒हितः॑ । ताभि॑र्दे॒वाँ इ॒हा व॑ह ॥ (१२)
हे अग्नि देव! रोहित नामक गतिशील घोड़ों को अपने रथ में जोड़ो एवं उनके द्वारा देवों को यहां लाओ. (१२)
O God of fire! Add the moving horses named Rohit to your chariot and bring the gods here through them. (12)