हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 1.14.3

मंडल 1 → सूक्त 14 → श्लोक 3 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 1)

ऋग्वेद: | सूक्त: 14
इ॒न्द्र॒वा॒यू बृह॒स्पतिं॑ मि॒त्राग्निं पू॒षणं॒ भग॑म् । आ॒दि॒त्यान्मारु॑तं ग॒णम् ॥ (३)
हे स्तोताओ! इंद्र, वायु, बृहस्पति, मित्र, अग्नि, पूषा, भग, आदित्यों एवं मरुद्गणों का आह्वान करो. (३)
This stotao! Call upon Indra, Vayu, Jupiter, Mitra, Agni, Pusha, Bhaga, Adityas and Marudganas. (3)