ऋग्वेद (मंडल 1)
स्वाहा॑कृता॒न्या ग॒ह्युप॑ ह॒व्यानि॑ वी॒तये॑ । इन्द्रा ग॑हि श्रु॒धी हवं॒ त्वां ह॑वन्ते अध्व॒रे ॥ (१३)
हे इंद्र! स्वाहा शब्द से युक्त हमारा हव्य खाने के लिए आओ, क्योंकि ऋत्विजू तुम्हें बुला रहे हैं. (१३)
O Indra! Come to eat our havya containing the word Swaha, because Ritwizu is calling you. (13)