ऋग्वेद (मंडल 1)
यु॒वाकु॒ हि शची॑नां यु॒वाकु॑ सुमती॒नाम् । भू॒याम॑ वाज॒दाव्ना॑म् ॥ (४)
हम बल और सुबुद्धि की इच्छा से तुम्हें चाहते हैं. हम श्रेष्ठ अन्नदाता हों. (४)
We want you by the desire of strength and wisdom. We are the best food givers. (4)
मंडल 1 → सूक्त 17 → श्लोक 4 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation