ऋग्वेद (मंडल 1)
ये नाक॒स्याधि॑ रोच॒ने दि॒वि दे॒वास॒ आस॑ते । म॒रुद्भि॑रग्न॒ आ ग॑हि ॥ (६)
हे अग्नि देव! जो मरुद्गण आकाश के ऊपर वर्तमान प्रकाशपूर्ण स्वर्ग में शोभायमान हैं, तुम उनके साथ आओ. (६)
O God of fire! Those deserts who are adorned in the present luminous heaven above the sky, come with them. (6)