ऋग्वेद (मंडल 1)
अ॒भि त्वा॑ पू॒र्वपी॑तये सृ॒जामि॑ सो॒म्यं मधु॑ । म॒रुद्भि॑रग्न॒ आ ग॑हि ॥ (९)
हे अग्नि! सोमरस से निर्मित मधु सबसे पहले मैं तुम्हें पीने के लिए दे रहा हूं. तुम मरुद्गणों के साथ आओ. (९)
O fire! Honey made from somras is the first thing I'm giving you to drink. You come with the marurgens. (9)