ऋग्वेद (मंडल 1)
कु॒षु॒म्भ॒कस्तद॑ब्रवीद्गि॒रेः प्र॑वर्तमान॒कः । वृश्चि॑कस्यार॒सं वि॒षम॑र॒सं वृ॑श्चिक ते वि॒षम् ॥ (१६)
पर्वत से आने वाले नकुल ने कहा-“बिच्छू का विष बेकार है.” हे बिच्छू! तुम्हारा विष प्रभावहीन है. (१६)
Nakul, who came from the mountain, said, "The poison of the scorpion is useless." O scorpion! Your poison is ineffective. (16)