हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 1.191.3

मंडल 1 → सूक्त 191 → श्लोक 3 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 1)

ऋग्वेद: | सूक्त: 191
श॒रासः॒ कुश॑रासो द॒र्भासः॑ सै॒र्या उ॒त । मौ॒ञ्जा अ॒दृष्टा॑ वैरि॒णाः सर्वे॑ सा॒कं न्य॑लिप्सत ॥ (३)
शर, कुश, दर्भ, सैर्य, मुंज एवं वीरण नामक घासों में छिपे हुए विषधर मुझसे एक साथ लिपट जाते हैं. (३)
The poisons hidden in the grasses called Shar, Kush, Darbha, Sairaya, Munj and Veeran cling to me together. (3)