हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 1.191.7

मंडल 1 → सूक्त 191 → श्लोक 7 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 1)

ऋग्वेद: | सूक्त: 191
ये अंस्या॒ ये अङ्ग्याः॑ सू॒चीका॒ ये प्र॑कङ्क॒ताः । अदृ॑ष्टाः॒ किं च॒नेह वः॒ सर्वे॑ सा॒कं नि ज॑स्यत ॥ (७)
जो जंतु स्कंध वाले, अंग वाले, सूची वाले एवं अत्यंत विषधारी हैं, ऐसे अदृष्ट विषधरों का यहां कोई काम नहीं है. तुम सब यहाँ से एक साथ चले जाओ. (७)
The animals which are winged, limbed, listed and highly toxic, such invisible poisonous have no work here. You all get out of here together. (7)