हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 1.23.12

मंडल 1 → सूक्त 23 → श्लोक 12 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 1)

ऋग्वेद: | सूक्त: 23
ह॒स्का॒राद्वि॒द्युत॒स्पर्यतो॑ जा॒ता अ॑वन्तु नः । म॒रुतो॑ मृळयन्तु नः ॥ (१२)
चमकने वाली विद्युत से उत्पन्न मरुद्गण हमारी रक्षा करें और हमारे सुख बढ़ावें. (१२)
Let the deserts produced by the shining electricity protect us and increase our happiness. (12)