हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 1.23.24

मंडल 1 → सूक्त 23 → श्लोक 24 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 1)

ऋग्वेद: | सूक्त: 23
सं मा॑ग्ने॒ वर्च॑सा सृज॒ सं प्र॒जया॒ समायु॑षा । वि॒द्युर्मे॑ अस्य दे॒वा इन्द्रो॑ विद्यात्स॒ह ऋषि॑भिः ॥ (२४)
हे अग्नि! मुझे तेज, संतान और आयु दो, जिससे देवगण, इंद्र और ऋषि-समूह मेरे यज्ञ को जान सकें. (२४)
O agni! Give me fast, child and age, so that the gods, indra and the sage-group may know my yajna. (24)