ऋग्वेद (मंडल 1)
वेद॑ मा॒सो धृ॒तव्र॑तो॒ द्वाद॑श प्र॒जाव॑तः । वेदा॒ य उ॑प॒जाय॑ते ॥ (८)
वरुण उक्त महिमा को धारण करके समय-समय पर उत्पन्न होने वाले बारह महीनों को जानते हैं और तेरहवें मास को भी जानते हैं. (८)
Varuna knows the twelve months that arise from time to time by holding the said glory and also knows the thirteenth month. (8)