हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 1.37.14

मंडल 1 → सूक्त 37 → श्लोक 14 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 1)

ऋग्वेद: | सूक्त: 37
प्र या॑त॒ शीभ॑मा॒शुभिः॒ सन्ति॒ कण्वे॑षु वो॒ दुवः॑ । तत्रो॒ षु मा॑दयाध्वै ॥ (१४)
हे मरुदगणो! अपने तीव्रगामी वाहन के द्वारा यज्ञभूमि में शीघ्र आओ. बुद्धिमान्‌ यजमानों के द्वारा की गई सेवा से उनके प्रति तृप्त बनो. (१४)
O the deserters! Come quickly to the yagnabhoomi by your speeding vehicle. Be satisfied with the service done by the wise. (14)