ऋग्वेद (मंडल 1)
शं नः॑ कर॒त्यर्व॑ते सु॒गं मे॒षाय॑ मे॒ष्ये॑ । नृभ्यो॒ नारि॑भ्यो॒ गवे॑ ॥ (६)
देवगण, हमारे घोड़ों, मेष, भेड़, पुरुष, स्त्री और गायों के लिए सुलभ सुख प्रदान करें. (६)
Devgan, provide accessible pleasures to our horses, Aries, sheep, men, women and cows. (6)