हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 1.46.13

मंडल 1 → सूक्त 46 → श्लोक 13 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 1)

ऋग्वेद: | सूक्त: 46
वा॒व॒सा॒ना वि॒वस्व॑ति॒ सोम॑स्य पी॒त्या गि॒रा । म॒नु॒ष्वच्छ॑म्भू॒ आ ग॑तम् ॥ (१३)
हे सुखदाता अश्विनीकुमारो! तुम सोमपान और स्तुति श्रवण करने के लिए मनु के समान परिचारक यजमान के घर में निवास करो. (१३)
O happy Ashwinikumaro! You dwell in the house of the host like Manu to listen to sompan and praise. (13)