ऋग्वेद (मंडल 1)
स॒प्त त्वा॑ ह॒रितो॒ रथे॒ वह॑न्ति देव सूर्य । शो॒चिष्के॑शं विचक्षण ॥ (८)
हे सूर्य! तुम दीप्तिमान् एवं सर्वप्रकाशक हो. किरणें ही तुम्हारे केश हैं. हरित नाम के सात घोड़े तुम्हें रथ में बिठाकर ले चलते हैं. (८)
O sun! You are a luminous and all-light. The rays are your hair. Seven horses named Green take you in the chariot. (8)